मेरी मालकीण और मेरा नसीब – 3

उनके चुत को स्पर्श कर रहा था और मैने पुरा का पुरा पेटीकोट उनके कमर तक उपर कर डाला और मालकीण की गोरी गोरी बडी मादक गांड पुरी तरह से नंगी हो गई. मेरी कामवासना भडक उठी. मैने मालकीण को धिरे से कहा. मै : मालकीण तेल की वजह से मेरी अंदरविअर सब गिली हो … Continue reading मेरी मालकीण और मेरा नसीब – 3

मेरी मालकीण और मेरा नसीब – 2

और मै फिर से उनकी झांघे दबाने लगा. मालकीण पेट के बल लेटी होने से उनकी मोटी गांड साडी के उपर से मुझे महसुस हो रही थी. साडी पुरी उपर करके मालकीण की गांड देखू ऐसा मुझे लगने लगा और फिर मै मालकीण की साडी पुरी उपर तक ले जा रहा था. उस नरम नरम … Continue reading मेरी मालकीण और मेरा नसीब – 2

मेरी मालकीण और मेरा नसीब – 1

दिनभर सायकल पर बैठ कर हर जगह घुमा पर कुछ भी उधारी वसुल नही हुई. मै थोडासा डर गया. मेरी मालकीण आज मुझे बहुत ही गंदे तरीके से डाटेंगी ऐसा मुझे लगने लगा. मै अब मालकीण को कया जवाब दु? यह सोचते हुये मै दुकान के पास आ गया. तो दुकान मे शेटजी बैठे हुये … Continue reading मेरी मालकीण और मेरा नसीब – 1

कामिनी की कामुक गाथा (भाग 77)

पिछली कड़ी में आपलोगों नें पढ़ा कि किस तरह मैं हर्षवर्धन दास, जो एक आर्किटेक्ट सह सिविल अभियंता सह बिल्डर थे, हमारे नये भवन के निर्माण की जिम्मेदारी निभा रहे थे, की कामुकता का शिकार बनी। बाप रे बाप, बड़ा ही डरावना अनुभव था। उसके लिंग की भयावहता से में आतंकित हो गयी थी। किंतु … Continue reading कामिनी की कामुक गाथा (भाग 77)

गोवा ट्रिप

दोस्तों मेरा नाम आकाश है. मैं वैलेंटाइन डे के दिन अकेला घर पर पड़ा टीवी देख रहा था क्यूकी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी. मेरी बड़ी दीदी कनिका अपने दोस्तों के साथ घूमने जा रही थी. दीदी ने मुझे अकेला देखा और पूछा दीदी: आकाश आज तू अकेला क्या कर रहा है.. जा अपनी गर्लफ्रेंड … Continue reading गोवा ट्रिप